या कुन्देन्दु तुषार हार धवला या शुभ्रवस्त्रावृता , या वीणा वरदण्रडमण्रडित करा या श्वेत कमलासना । या ब्रह्माच्युत शंकर प्रभृतिभिर्देव सदा वन्दिता, सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेष जाड़यापहा॥
07:19pm, Thu 9 Jul 2009
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